दसवीं लालटेन चौक की है, स्टेंसिल दीवार की नहीं। शुक्रवार। भोपाल। ब्रिक्स डेलीगेट्स। पर्यटन विभाग का भ्रमण। झीलों की नगरी—शीट का संबोधन।
हैरिटेज: गौहर महल, इकबाल मैदान, मोती मस्जिद। वन विहार। बड़ा तालाब शिकारा। बर्ड वाचिंग—अतिथियों का “यादगार” वाक्य, प्रजाति सूची नहीं।
जो तीन बाज़ार और तीन नाम हैं
चौक बाज़ार, नया बाज़ार, भोपाल हाट: हस्तकला और स्थानीय संस्कृति की झलक—विज्ञप्ति। रौनक दुकान की बिक्री नहीं लिखती। श्री मोस्तफवी: वन विहार, हिंदी-फारसी शब्द, मेहमाननवाज़ी। श्री देहघांकर: संरक्षण के प्रयास दुनिया के लाभ। श्री हाइिलिंग: पक्षी, सरीसृप, बाघ, जैव विविधता; दुनियाभर के पर्यटक आएँ—आग्रह।
शीट अंत में वसुधैव कुटुंबकम लिखती है। चित्र भ्रमण का फ्रेम है। रौनक तीन बाज़ार इस कोण में नहीं खोलती।
मुख्य बातें
- चौक, नया बाज़ार, भोपाल हाट उसी भ्रमण की सूची हैं।
- तीन नामित अतिथि शीट गिनती है; पूरे ब्रिक्स दल की संख्या नहीं।
- शिकारा और बर्ड वाचिंग अनुभव की पंक्ति हैं, पक्षी गणना नहीं।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।



