स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में इंदौर को 197 अंकों के साथ दूसरा और जबलपुर को 195 अंकों पर तीसरा स्थान मिला है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सूची में भोपाल और आगरा दोनों के 192 अंक हैं; दोनों संयुक्त चौथे स्थान पर हैं।

ये नतीजे दस लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी के हैं। सर्वे में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के 130 शहरों को आबादी की तीन श्रेणियों में जांचा गया। सड़क की धूल, वाहनों और उद्योगों का उत्सर्जन, कचरा तथा निर्माण-मलबे का प्रबंधन जैसे काम इसमें परखे जाते हैं।

रैंक क्या बताती है

यह शहर में प्रदूषण घटाने की कार्रवाई का मूल्यांकन है। किसी खास दिन की हवा की स्थिति जानने के लिए उस दिन का AQI अलग से देखना होगा। शहरों के स्व-मूल्यांकन के बाद राज्य समिति, CPCB और स्वतंत्र मैदानी जांच से आकलन होता है।

CPCB के 2026 के अच्छे कामों के संकलन में इंदौर का 550 टन प्रतिदिन क्षमता वाला गीले कचरे का Bio-CNG संयंत्र भी दर्ज है। फरवरी 2022 से संचालित इस संयंत्र में कचरे से ईंधन और खाद बनती है। यह शहर के पुराने बुनियादी ढांचे का उदाहरण है।

मुख्य बातें

  • इंदौर: 197 अंक, दूसरा स्थान।
  • जबलपुर: 195 अंक, तीसरा स्थान।
  • भोपाल: 192 अंक, आगरा के साथ संयुक्त चौथा।

स्रोत और संदर्भ

  1. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड · Swachh Vayu Sarvekshan 2026: City ranks and scores ↗7 सितंबर 2026
  2. पर्यावरण मंत्रालय / PIB · Swachh Vayu Sarvekshan 2026 awards and assessment process ↗7 सितंबर 2026
  3. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड · Compendium of Best Practices under NCAP 2026: Indore Bio-CNG plant ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

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